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Thursday, September 10, 2026

बधाई हो, बधाई।

जनम की शुभ घड़ी आई,
खुशियां हर तरफ छाई; 
कलियों की खुशबू से खिली खुदाई।
बधाई हो बधाई, बधाई हो बधाई।

तेरे चेहरे का नूर,
रहे चमकता भरपूर;
तेरा जीवन हो जगमग,
रहे हर गम से दूर;
खुशियों की बजती रहे शहनाई।
बधाई हो बधाई, बधाई हो बधाई।

दुआ मेरी है बस,
तेरे सपने हो सच;
हो हासिल हर हसरत,
हो पूरी सब चाहत;
खुशियों की मिलती रहे बधाई।
बधाई हो बधाई, बधाई हो बधाई।



Saturday, August 15, 2026

एक नन्हा सा बीज

एक नन्हा सा बीज,
विराट वृक्ष बनता है।

कुछ छिटपुट पानी की बूंदे, 
कुछ अदना सा प्रकाश;
थोड़ी सी धरती की धूल,
हल्की हवा और खुला आकाश; 
ऐसे पाल्य परिवेश में बीज,
पलता, उभरता, संवरता, विशाल वृक्ष बनता है।

धरती के गर्भ में, 
पलता है;
मिट्टी में मिटता है,
टूटता है, बिखरता है;
फिर प्रस्फुटित होता है,
अंकुरित होता है;
नाजुक सुकुमार पौध से, 
मजबूत महाकाय वृक्ष बनता है।

आसान नहीं, 
बीज से वृक्ष का सफर;
अत्यंत शीत ,भयंकर गर्मी,
अंधड़ तूफान, भारी बारिश का कहर;
झुलसता है, कांपता है, झेलता है, संभालता है;
फिर कहीं, एक अदना सा बीज;
छायादार, फलदार वृक्ष बनता है।