Followers

Saturday, July 11, 2026

भारतीय संविधान [सम्पूर्ण] भाग-1 से भाग-22 तक [अनुच्छेद 1 से 395 तक]

 


भाग.1 संघ और उसका राज्यक्षेत्र

अनुच्छेद                                                              

1.संघ का नाम और राज्यक्षेत्र.

 2.नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना.

3.नए राज्यों का निर्माण और वर्तमान राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन.

4.पहली अनुसूची और चौथी अनुसूची के संशोधन तथा अनुपूरक, आनुषंगिक और पारिणामिक विषयों का उपबंध करने के लिए अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 के अधीन बनाई गई विधियां 

भाग 2 नागरिकता

5. सविधान के प्रारंभ पर नागरिकता

6.पाकिस्तान से भारत को प्रव्रजन करने वाले कुछ व्यक्तियों के नागरिकता के अधिकार.......

7. पाकिस्तान को प्रव्रजन करने वाले व्यक्तियों के नागरिकता के अधिकार

8. भारत के बाहर रहने वाले भारतीय उद्भव के कुछ व्यक्तियों के नागरिकता के अधिकार.

9. विदेशी राज्य की नागरिकता स्वेच्छा से अर्जित करने वाले व्यक्तियों का नागरिक होना..

10. नागरिकता के अधिकारों का बना रहना

11. संसद् द्वारा नागरिकता के अधिकार का विधि द्वारा विनियमन किया जाना 

भाग 3 मूल अधिकार

साधारण

12.परिभाषा

13. मूल अधिकारों से असंगत या उनका अल्पीकरण करने वाली विधियां...  

समता का अधिकार

14. विधि के समक्ष समता...

15. धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर विभेद का प्रतिषेध..

 16. लोक नियोजन के विषय में अवसर की समता... 

17. अस्पृश्यता का अंत

18. उपाधियों का अंत...

स्वातंत्र्य-अधिकार

19. वाक्-स्वातंत्र्य आदि विषयक कुछ अधिकारों का संरक्षण......

20.अपराधों के लिए दोपसिद्धि के संबंध में संरक्षण...

21.प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण......

21. शिक्षा का अधिकार

22 कुछ दशाओं में गिरफ्तारी और निरोध से संरक्षण......

शोषण के विरुद्ध अधिकार

23 मानव के दुर्व्यापार और बलात्बम का प्रतिषेध.

24 कारखानों आदि में बालकों के नियोजन का प्रतिषेध...

धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार

25. अंतःकरण की और धर्म के अबाध रूप से मानने, आचरण और प्रचार करने की स्वतंत्रता

26. धार्मिक कार्यों के प्रबंध की स्वतंत्रता.

27. किसी विशिष्ट धर्म की अभिवृद्धि के लिए करों के संदाय के बारे में स्वतंत्रता.....

28. कुछ शिक्षा संस्थाओं में धार्मिक शिक्षा या धार्मिक उपासना में उपस्थित होने के बारे में स्वतंत्रता..

अल्पसंख्यक वर्गों के हितों का संरक्षण.......

29. संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार

30.शिक्षा संस्थाओं की स्थापना और प्रशासन करने का अल्पसंख्यक वर्गों का अधिकार..

31.संपत्ति का अनिवार्य अर्जन.....

कुछ विधियों की व्यावृत्ति

31. संपदाओं आदि के अर्जन के लिए उपबंध करने वाली विधियों की व्यावृत्ति.

31ख.. कुछ अधिनियमों और विनियमनों का विधिमान्यकरण

31ग. कुछ निदेशक तत्त्वों को प्रभावी करने वाली विधियों की व्यावृत्ति.

31. राष्ट्र विरोधी क्रियाकलाप के संबंध में विधियों की व्यावृत्ति

 

सांविधानिक उपचारों का अधिकार

32. इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों को प्रवर्तित कराने के लिए उपचार....

33. इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों का, बलों आदि को लागू होने में, उपान्तरण करने की संसद् की शक्ति..

34. जब किसी क्षेत्र में सेना विधि प्रवृत्त है तब इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों पर निबंधन....

35.इस भाग के उपबंधों को प्रभावी करने के लिए विधान......

भाग 4 [राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व] 

36.परिभाषा

37.इस भाग में अंतर्विष्ट तत्त्वों का लागू होना.

38. राज्य लोक कल्याण की अभिवृद्धि के लिए सामाजिक व्यवस्था बनाएगा..

39.राज्य द्वारा अनुसरणीय कुछ नीति तत्त्व.

39 . समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता

40.ग्राम पंचायतों का संगठन..

41.कुछ दशाओं में काम, शिक्षा और लोक सहायता पाने का अधिकार..

42. काम की न्यायसंगत और मानवोचित दशाओं का तथा प्रसूति सहायता का उपबंध..

43. कर्मकारों के लिए निर्वाह मजदूरी आदि.

43. उद्योगों के प्रबंध में कर्मकारों का भाग लेना

44. नागरिकों के लिए एक समान सिविल सहिता.....

45. बालकों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का उपबंध.....

46. अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य दुर्बल वर्गों की शिक्षा और अर्थ संबंधी हितों की अभिवृद्धि....

47. पोपाहार स्तर और जीवन स्तर को ऊंचा करने तथा लोक स्वास्थ्य का सुधार करने का राज्य का कर्तव्य...

48.कृषि और पशुपालन का संगठन

48 . पर्यावरण का संरक्षण तथा संवर्धन और वन तथा वन्य जीवों की रक्षा....

49.राष्ट्रीय महत्त्व के संस्मारकों, स्थानों और वस्तुओं का संरक्षण..

50. कार्यपालिका से न्यायपालिका का पृथक्करण.......

51 अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि.

भाग 4क [मूल कर्त्तव्य] 

51 . मूल कर्त्तव्य..

भाग 5 [संघ]

अध्याय 1-कार्यपालिका

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति

52. भारत का राष्ट्रपति.

53. संघ की कार्यपालिका शक्ति..

54. राष्ट्रपति का निर्वाचन

55. राष्ट्रपति के निर्वाचन की रीति.....

56. राष्ट्रपति की पदावधि

57. पुनर्निर्वाचन के लिए पात्रता.

58. राष्ट्रपति निर्वाचित होने के लिए अर्हताएं.

59. राष्ट्रपति के पद के लिए शर्तें.

60. राष्ट्रपति द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान

61. राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने की प्रक्रिया.

62.राष्ट्रपति के पद में रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन करने का समय और आकस्मिक रिक्ति को भरने के लिए.

निर्वाचित व्यक्ति की पदावधि...

63. भारत का उपराष्ट्रपति...........

64. उपराष्ट्रपति का राज्य सभा का पदेन सभापति होना.......

65. राष्ट्रपति के पद में आकस्मिक रिक्ति के दौरान या उसकी अनुपस्थिति में उपराष्ट्रपति का राष्ट्रपति के रूप में कार्य करना, कृत्यों का निर्वहन

66. उपराष्ट्रपति का निर्वाचन ..

67.उपराष्ट्रपति की पदावधि

68. उपराष्ट्रपति के पद में रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन करने का समय और आकस्मिक रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचित व्यक्ति की पदावधि..

69.उपराष्ट्रपति द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान... 

70.अन्य आकस्मिकताओं में राष्ट्रपति के कृत्यों का निर्वहन....

71. राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के निर्वाचन से संबंधित या संसक्त विषय..

72 क्षमा आदि की और कुछ मामलों में दंडादेश के निलंबन, परिहार या लघुकरण की राष्ट्रपति की शक्ति.

73. संघ की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार.......

मंत्रिपरिषद्

74 राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद्..

75. मंत्रियों के बारे में अन्य उपबंध.

                                                                                                              भारत का महान्यायवादी

76.भारत का महान्यायवादी 

सरकारी कार्य का संवालन

77 भारत सरकार के कार्य का संचालन....

78. राष्ट्रपति को जानकारी देने आदि के संबंध में प्रधानमंत्री के कर्तव्य. 

अध्याय 2-संसद्

साधारण

79. संसद् का गठन

80. राज्य सभा की संरचना

81. लोक सभा की संरचना..

82. प्रत्येक जनगणना के पश्चात् पुनः समायोजन.....

83. संसद् के सदनों की अवधि

84. संसद् की सदस्यता के लिए अर्हता.

85. संसद् के सत्र, सत्रावसान और विघटन.....

86. सदनों में अभिभाषण का और उनको संदेश भेजने का राष्ट्रपति का अधिकार....

87. राष्ट्रपति का विशेष अभिभाषण.

88. सदनों के बारे में मंत्रियों और महान्यायवादी के अधिकार.

संसद् के अधिकारी

89. राज्य सभा का सभापति और उपसभापति.......

90. उपसभापति का पद रिक्त होना, पदत्याग और पद से हटाया जाना

91. सभापति के पद के कर्तव्यों का पालन करने या सभापति के रूप में कार्य करने की उपसभापति या        अन्य व्यक्ति की शक्ति

92.जब सभापति या उपसभापति को पद से हटाने का कोई संकल्प विचाराधीन है तब उसका पीठासीन होना.

93.लोक सभा का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष.

94.अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद रिक्त होना, पद त्याग और पद से हटाया जाना.

95.अध्यक्ष के पद के कर्तव्यों का पालन करने या अध्यक्ष के रूप में कार्य करने की उपाध्यक्ष या अन्य व्यक्ति की शक्ति

96.जब अध्यक्ष या उपाध्यक्ष को पद से हटाने का कोई संकल्प विचाराधीन है तब उसका पीठासीन होना...........

97.सभापति और उपसभापति तथा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन और भत्ते...

98. संसद् का सचिवालय

कार्य संचालन

99. सदस्यों द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान..

100. सदनों में मतदान, रिक्तियों के होते हुए भी सदनों की कार्य करने की शक्ति और गणपूर्ति..

सदस्यों की निरर्हताएं

101. स्थानों का रिक्त होना

102. सदस्यता के लिए निरर्हताएं...

103. सदस्यों की निरर्हताओं से संबंधित प्रश्नों पर विनिश्चय.......

104. अनुच्छेद 99 के अधीन शपथ लेने या प्रतिज्ञान करने से पहले या अर्हित होते हुए या निरर्हित किए जाने पर बैठने और मत देने के लिए शास्ति संसद् और उसके सदस्यों की शक्तियां, विशेषाधिकार और उन्मुक्तियां 

105.संसद् के सदनों की तथा उनके सदस्यों और समितियों की शक्तियां, विशेषाधिकार आदि.

106.सदस्यों के वेतन और भत्ते......

107. विधेयकों के पुरःस्थापन और पारित किए जाने के संबंध में उपबंध...

विधायी प्रक्रिया

108. कुछ दशाओं में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक.

109. धन विधेयकों के संबंध में विशेष प्रक्रिया

110. "धन विधेयक" की परिभाषा

111. विधेयकों पर अनुमति...

वित्तीय विषयों के संबंध में प्रक्रिया

112. वार्षिक वित्तीय विवरण......

113. संसद् में प्राक्कलनों के संबंध में प्रक्रिया

114. विनियोग विधेयक.....

115. अनुपूरक, अतिरिक्त या अधिक अनुदान.......

116. लेखानुदान, प्रत्ययानुदान और अपवादानुदान.

117. वित्त विधेयकों के बारे में विशेष उपबंध....... ..

साधारणतया प्रक्रिया

118. प्रक्रिया के नियम........ ....

119 संसद् के वित्तीय कार्य संबंधी प्रक्रिया का विधि द्वारा विनियमन

120. संसद् में प्रयोग की जाने वाली भाषा

121. संसद् में चर्चा पर निबंधन

122. न्यायालयों द्वारा संसद् की कार्यवाहियों की जांच किया जाना  

अध्याय 3-राष्ट्रपति की विधायी शक्तियां

123. संसद् के विश्रातिकाल में अध्यादेश प्रख्यापित करने की राष्ट्रपति की शक्ति.

अध्याय 4-संघ की न्यायपालिका

124. उच्चतम न्यायालय की स्थापना और गठन

125 न्यायाधीशों के वेतन आदि..

126. कार्यकारी मुख्य न्यायमूर्ति की नियुक्ति.

127. तदर्थ न्यायाधीशों की नियुक्ति...

128. उच्चतम न्यायालय की बैठकों में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की उपस्थिति

129. उच्चतम न्यायालय का अभिलेख न्यायालय होना.....

130. उच्चतम न्यायालय का स्थान........

131. उच्चतम न्यायालय की आरंभिक अधिकारिता.

131 . (केन्द्रीय विधियों की सांविधानिक वैधता से संबंधित प्रश्नों के बारे में उच्चतम न्यायालय की अनन्य अधिकारिता).

132. कुछ मामलों में उच्च न्यायालयों से अपीलों में उच्चतम न्यायालय की अपीलीय अधिकारिता......

133.उच्च न्यायालयों से सिविल विषयों से संबंधित अपीलों में उच्चतम न्यायालय की अपीलीय अधिकारिता..

134. दांडिक विषयों में उच्चतम न्यायालय की अपीलीय अधिकारिता

134 . उच्चतम न्यायालय में अपील के लिए प्रमाणपत्र...

135. विद्यमान विधि के अधीन फेडरल न्यायालय की अधिकारिता और शक्तियों का उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रयोक्तव्य होना

136. अपील के लिए उच्चतम न्यायालय की विशेष इजाजत

137. निर्णयों या आदेशों का उच्चतम न्यायालय द्वारा पुनर्विलोकन

138. उच्चतम न्यायालय की अधिकारिता की वृद्धि

139 कुछ रिट निकालने की शक्तियों का उच्चतम न्यायालय को प्रदत्त किया जाना......

139 . कुछ मामलों का अंतरण

140. उच्चतम न्यायालय की आनुषंगिक शक्तियां.....

141.उच्चतम न्यायालय द्वारा घोषित विधि का सभी न्यायालयों पर आबद्धकर होना

142. उच्चतम न्यायालय की डिक्रियों और आदेशों का प्रवर्तन और प्रकटीकरण आदि के बारे में आदेश.

143.उच्चतम न्यायालय से परामर्श करने की राष्ट्रपति की शक्ति

144. सिविल और न्यायिक प्राधिकारियों द्वारा उच्चतम न्यायालय की सहायता में कार्य किया जाना.

145. न्यायालय के नियम आदि..

146. उच्चतम न्यायालय के अधिकारी और सेवक तथा व्यय.

147 निर्वचन......

अध्याय 5-भारत का नियंत्रक-महालेखापरीक्षक

148. भारत का नियंत्रक महालेखापरीक्षक

149. नियंत्रक महालेखापरीक्षक के कर्तव्य और शक्तियां.

150. संघ के और राज्यों के लेखाओं का प्ररूप.

151.संपरीक्षा प्रतिवेदन.. 

भाग 6 राज्य

अध्याय 1-सापारण

152. परिभाषा

अध्याय 2-कार्यपालिका

 राज्यपाल

153. राज्यों के राज्यपाल

154. राज्य की कार्यपातिका शक्ति

155.राज्यपात की नियुक्ति.

156. राज्यपात की पदावधि.

157. राज्यपाल नियुक्त होने के लिए अहंताएं,

158. राज्यपाल के पद के लिए शर्ते.

159.राज्यपाल द्वारा शपय या प्रतिज्ञान....

160. कुछ आकस्मिकताओं में राज्यपाल के कृत्यों का निर्वहन

161. क्षमा आदि की और कुछ मामलों में दंडादेश के नितंबन, परिहार या लघुकरण की राज्यपाल की शक्ति

162. राज्य की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार.. 

मंत्रि-परिषद्

163. राज्यपाल को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रि-परिषद्..

164. मंत्रियों के बारे में अन्य उपबंध

राज्य का महाधिवक्ता.

165.राज्य का महाधिवक्ता

सरकारी कार्य का संचालन

166. राज्य की सरकार के कार्य का संचालन

167. राज्यपाल को जानकारी देने आदि के संबंध में मुख्यमंत्री के कर्तव्य.

अध्याय 3-राज्य का विधान मंडल

साधारण

168. राज्यों के विधान मंडलों का गठन

169. राज्यों में विधान परिषदों का उत्सादन या सृजन..

170. विधान सभाओं की संरचना

171. विधान परिषदों की संरचना

172. राज्यों के विधान मंडलों की अवधि.....

173. राज्य के विधान मंडल की सदस्यता के लिए अहंता.....

174. राज्य के विधान मंडल के सत्र, सत्रावसान और विघटन.....

175. सदन या सदनों में अभिभाषण का और उनको संदेश भेजने का राज्यपाल का अधिकार.

176.राज्यपाल का विशेष अभिभाषण

177. सदनों के बारे में मंत्रियों और महाधिवक्ता के अधिकार.

राज्य के विधान मंडल के अधिकारी

178. विधानसभा का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष.......

179. अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद रिक्त होना, पदत्याग और पद से हटाया जाना

180. अध्यक्ष के पद के कर्तव्यों का पालन करने या अध्यक्ष के रूप में कार्य करने की उपाध्यक्ष या अन्य व्यक्ति की शक्ति... 

181 जब अध्यक्ष या उपाध्यक्ष को पद से हटाने का कोई संकल्प विचाराधीन है तब उसका पीठासीन होना.

182. विधान परिषद् का सभापति और उपसभापति........

183. सभापति और उपसभापति का पद रिक्त होना, पदत्याग और पद से हटाया गया....

184. सभापति के पद के कर्तव्यों का पालन करने या सभापति के रूप में कार्य करने की उपसभापति या अन्य व्यक्ति   की शक्ति

185.जब सभापति या उपसभापति को पद से हटाने का कोई संकल्प विचाराधीन है तब उसका पीठासीन होना,

186. अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा सभापति और उपसभापति के वेतन और भते.....

187. राज्य के विधान मंडल का सचिवालय...

कार्य संचालन

188.सदस्यों द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान.

189. सदनों में मतदान, रिक्तियों के होते हुए भी सदनों की कार्य करने की शक्ति और गणपूर्ति

सदस्यों की निरर्हताएं

190. स्थानों का रिक्त होना....

191. सदस्यता के लिए निरर्हताएं.

192. सदस्यों की निरर्हताओं से संबंधित प्रश्नों पर विनिश्वय.....

193. अनुच्छेद 188 के अधीन शपथ लेने या प्रतिज्ञान करने से पहले या अर्हित होते हुए या निरर्हित किए जाने पर बैठने और मत देने के लिए शास्ति..

 राज्यों के विधान मंडलों और उनके सदस्यों की शक्तियां, विशेषाधिकार और उन्मुक्तियां

194. विधान मंडलों के सदनों की तथा उनके सदस्यों और समितियों की शक्तियां, विशेषाधिकार आदि

195.सदस्यों के वेतन और भत्ते......

विधायी प्रक्रिया

196. विधेयकों के पुरःस्थापन और पारित किए जाने के संबंध में उपबंध.

197. घन विधेयकों से भिन्न विधेयकों के बारे में विधान परिषद् की शक्तियों पर निर्वधन

198. धन विधेयकों के संबंध में विशेष प्रक्रिया......

199. "घन विधेयक" की परिभाषा....

200. विधेयकों पर अनुमति 

201. विचार के लिए आरक्षित विधेयक..... 

वार्षिक वित्तीय विवरण

202. वित्तीय विषयों के संबंध में प्रक्रिया

203. विधान मंडल में प्राक्कलनों के संबंध में प्रक्रिया..

204. विनियोग विधेयक

205. अनुपूरक, अतिरिक्त या अधिक अनुदान

206. लेखानुदान, प्रत्ययानुदान और अपवादानुदान

207. वित्त विधेयकों के बारे में विशेष उपबंध

साधारणतया प्रक्रिया

208.प्रक्रिया के नियमः

209.राज्य के विधान मंडल में वित्तीय कार्य संबंधी प्रक्रिया का विधि द्वारा विनियमन...

210. विधान मंडल में प्रयोग की जाने वाली भाषा

211 विधान मंडल में चर्चा पर निर्वधन..

212. न्यायालयों द्वारा विधान मंडल की कार्यवाहियों की जांच किया जाना  

अध्याय 4-राज्यपाल की विधायी शक्ति 

213. विधान मंडल के विश्रांतिकाल में अध्यादेश प्रख्यापित करने की राज्यपाल की शक्ति

अध्याय 5-राज्यों के उच्च न्यायालय

214. राज्यों के लिए उच्च न्यायालय

215. उच्च न्यायालयों का अभिलेख न्यायालय होना.

216. उच्च न्यायालयों का गठन...

217. उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति और उसके पद की शर्तें ...

218. उच्चतम न्यायालय से संबंधित कुछ उपबंधों का उच्च न्यायालयों को लागू होना....

219. उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों द्वारा शपच या प्रतिज्ञान...

220. स्थायी न्यायाधीश रहने के पश्चात् विधि-व्यवसाय पर निबंधन.. ..

221. न्यायाधीशों के वेतन आदि...

222. किसी न्यायाधीश का एक उच्च न्यायालय से दूसरे उच्च न्यायालय को अंतरण. ...

223. कार्यकारी मुख्य न्यायमूर्ति की नियुक्ति......

224. अपर और कार्यकारी न्यायाधीशों की नियुक्ति...

224 . उच्च न्यायालयों की बैठकों में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की नियुक्ति.

225. विद्यमान उच्च न्यायालयों की अधिकारिता....

226. कुछ रिट निकालने की उच्च न्यायालय की शक्ति...

227. सभी न्यायालयों के अधीक्षण की उच्च न्यायालय की शक्ति..

228. कुछ मामलों का उच्च न्यायालय को अंतरण........

229. उच्च न्यायालयों के अधिकारी और सेवक तथा व्यय.

230. उच्च न्यायालयों की अधिकारिता का संघ राज्यक्षेत्रों पर विस्तार....

231. दो या अधिक राज्यों के लिए एक ही उच्च न्यायालय की स्थापना

अध्याय 6-अधीनस्व न्यायालय

233. जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति

233 . कुछ जिला न्यायाधीशों की नियुक्तियों का और उनके द्वारा किए गए निर्णयों आदि का विधिमान्यकरण.

234. न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीशों से भिन्न व्यक्तियों की भर्ती..

235. अधीनस्य न्यायालयों पर नियंत्रण..

236. निर्वचन.......

237. कुछ वर्ग या वर्गों के मजिस्ट्रेटों पर इस अध्याय के उपबंधों का लागू होना....   

भाग 7 पहली अनुसूची के भाग के राज्य

238.(निरसित) 

भाग 8

संघ राज्यक्षेत्र

239 संघ राज्यक्षेत्रों का प्रशासन ....

239 . कुछ संघ राज्यक्षेत्रों के लिए स्थानीय विधान मंडलों या मंत्रि-परिषदों का या दोनों का सृजन.. ….

239 कक. दिल्ली के संबंध में विशेष उपबंध......

239 कख. सांविधानिक तंत्र के विफल हो जाने की दशा में उपबंध... ..

239    . विधान मंडल के विश्रांतिकाल में अध्यादेश प्रख्यापित करने की प्रशासक की शक्ति. .

240. कुछ संघ राज्यक्षेत्रों के लिए विनियमन बनाने की राष्ट्रपति की शक्ति ..

241. संघ राज्यक्षेत्रों के लिए उच्च न्यायालय.... ..

242 (निरसित)........... 

भाग 9

पंचायत

243. परिभाषाएं.   

243. ग्राम सभा.......

243. पंचायतों का गठन

243. पंचायतों की संरचना.....

243. स्थानों का आरक्षण

243. पंचायतों की अवधि आदि.

243. सदस्यता के लिए निरहंताएं......

243. पंचायतों की शक्तियां, प्राधिकार और उत्तरदायित्व

243. पंचायतों द्वारा कर अधिरोपित करने की शक्तियां और उनकी निधियां

243. वित्तीय स्थिति के पुनर्विलोकन के लिए वित्त आयोग का गठन

243. पंचायतों के लेखाओं की संपरीक्षा.......

243. पंचायतों के लिए निर्वाचन.

243. संघ राज्यक्षेत्रों को लागू होना.

243. इस भाग का कतिपय क्षेत्रों को लागू होना.

243. विद्यमान विधियों और पंचायतों का बना रहना.....

243. निर्वाचन संबंधी मामलों में न्यायालयों के हस्तक्षेप का वर्जन. 

भाग 9

नगरपालिकाएं

243. परिभाषाएं.

243. नगरपालिकाओं का गठन

245. नगरपालिकाओं की संरचना.......

245 घं. वार्ड समितियों आदि का गठन और संरचना...

243 . स्थानों का आरक्षण

243. नगरपालिकाओं की अवधि आदि.

243. सदस्यता के लिए निरर्हताएं..

243 . नगरपालिकाओं आदि की शक्तियां, प्राधिकार और उत्तरदायित्व

243. नगरपालिकाओं द्वारा कर अधिरोपित करने की शक्ति और उनकी निधियां..

243. वित्त आयोग

243. नगरपालिकाओं के लेखाओं की संपरीक्षा..

243 यक. नगरपातिकाओं के लिए निर्वाचन....

243 यख. संघ राज्यक्षेत्रों को लागू होना.

245 यग. इस भाग का कतिपय क्षेत्रों को लागू होना....

243 यघ. जिला योजना के लिए समिति ....

243 यड. महानगर योजना के लिए समिति..

243 यच. विद्यमान विधियों और नगरपालिकाओं का बना रहना.

243 यछ. निर्वाचन संबंधी मामलों में न्यायालयों के हस्तक्षेप का वर्जन.

भाग 10

अनुसूचित और जनजाति क्षेत्र

244. अनुसूचित क्षेत्रों और जनजाति क्षेत्रों का प्रशासन

244 . असम के कुछ जनजाति क्षेत्रों को समाविष्ट करने बाता एक स्वशासी राज्य बनाना और उसके लिए स्थानीय विधान मंडल या मंत्रि-परिषद् का या दोनों का सृजन.......

संघ और राज्यों के बीच संबंध

अध्याय 1-विधायी संबंधी

विधायी शक्तियों का वितरण

245. संसद् द्वारा और राज्यों के विधान मंडलों द्वारा बनाई गई विधियों का विस्तार..

246. संसद् द्वारा और राज्यों के विधान मंडलों द्वारा बनाई गई विधियों की विषयवस्तु...

247. कुछ अतिरिक्त न्यायालयों की स्थापना का उपबंध करने की संसद् की शक्ति

248. अवशिष्ट विधायी शक्तियां.....

249. राज्य सूची में के विषय के संबंध में राष्ट्रीय हित में विधि बनाने की संसद् की शक्ति.

250. यदि आपात की द्घोषणा प्रवर्तन में हो तो राज्य सूची में के विषय के संबंध में विधि बनाने की संसद् की शक्ति

251. संसद् द्वारा अनुच्छेद 249 और अनुच्छेद 250 के अधीन बनाई गई विधियों और राज्यों के विधान मंडलों द्वारा बनाई गई विधियों में असंगति

252. दो या अधिक राज्यों के लिए उनकी सहमति से विधि बनाने की संसद् की शक्ति और ऐसी विधि का किसी अन्य राज्य द्वारा अंगीकार किया जाना...

253. अंतर्राष्ट्रीय करारों को प्रभावी करने के लिए विधान.......

254. संसद् द्वारा बनाई गई विधियों और राज्यों के विधान मंडलों द्वारा बनाई गई विधियों में असंगति.

255. सिफारिशों और पूर्व मंजूरी के बारे में अपेक्षाओं को केवल प्रक्रिया के विषय मानना

अध्याय 29-प्रशासनिक संबंध

साधारण

256. राज्यों की और संघ की बाध्यता.

257. कुछ दशाजों में राज्यों पर संघ का नियंत्रण......

257. (संघ के सशस्त्र बलों या अन्य बतों के अभिनियोजन द्वारा राज्यों की सहायता).

258. कुछ दशाओं में राज्यों को शक्ति प्रदान करने आदि की संघ की शक्ति.

258. संघ को कृत्य सौंपने की राज्यों की शक्ति

259. पहली अनुसूची के भाग के राज्यों के सशस्त्र बल))))

260. भारत के बाहर के राज्यक्षेत्रों के संबंध में संघ की अधिकारिता..

261. सार्वजनिक कार्य, अभिलेख और न्यायिक कार्यवाहियां. 

जलसंबंधी विवाद

262 अंतरराज्यिक नदियों या नदी-दूनों के जल संबंधी विवादों का न्यायनिर्णयन.

राज्यों के बीच समन्वय

263. अंतरराज्य परिषद् के संबंध में उपबंध......

भाग 12

वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद

अध्याय 1-वित्त

साधारण

264.निर्वचन.

265. विधि के प्राधिकार के बिना करों का अधिरोपण किया जाना

266. भारत और राज्यों की संचित निधियां और लोक लेखे......

267. आकस्मिकता निधि

संघ और राज्यों के बीच राजस्यों का वितरण

268. संघ द्वारा उद्गृहीत किए जाने वाले, किंतु राज्यों द्वारा संगृहीत और विनियोजित किए जाने वाले शुल्क.

268क संघ द्वारा उद्गृहीत किए जाने वाला और संघ तथा राज्यों द्वारा संगृहीत और विनियोजित किया जाने वाले सेया-कर

269. संघ द्वारा उद्गृहीत और संगृहीत, किंतु राज्यों को सौंपे जाने वाले कर

270. उद्गृहीत कर और उनको संप तथा राज्यों के बीच वितरण.

271 कुछ शुल्कों और करों पर संघ के प्रयोजनों के लिए अधिभार.

272. (निरसित)......

273. जूट पर और जूट उत्पादों पर निर्यात शुल्क के स्थान पर अनुदान......

274. ऐसे कराधान पर, जिसमें राज्य हितबद्ध है, प्रभाव डालने वाले विधेयकों के लिए राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश की अपेक्षा.....

275. कुछ राज्यों को संघ से अनुदान.

276. वृत्तियों, व्यापारों, आजीविकाओं और नियोजनों पर कर

277 व्यावृत्ति.....

278. (निरसित।..

279 "शुद्ध आगम' आदि की गणना...

280. वित्त आयोग

281 वित्त आयोग की सिफारिशें.

प्रकीर्ण वित्तीय उपबंध

282 संघ या राज्य द्वारा अपने राजस्व से किए जाने वाले व्यय..

283.संचित निधियों, आकस्मिकता निधियों और लोक लेखाओं में जमा धनराशियों की अभिरक्षा आदि.

284. लोक सेवकों और न्यायालयों द्वारा प्राप्त वादकर्ताओं की जमा राशियों और अन्य धनराशियों की अभिरक्षा

285. संघ की संपत्ति को राज्य के कराधान से छूट

286. माल के क्रय या विक्रय पर 'कर' के अधिरोपण के बारे में निर्वधन........

287 विद्युत पर करों से छूट…………………

288. जल या विद्युत के संबंध में राज्यों द्वारा कराधान से कुछ दशाओं में छूट.. 289 राज्यों की संपत्ति और आय को संघ के कराधान से छूट

290. कुछ व्ययों और पेंशनों के संबंध में समायोजन....

290. कुछ देवस्वम् निधियों को वार्षिक संदाय......

291.(निरसित)

अध्याय 2-उधार लेना

292. भारत सरकार द्वारा उधार लेना...

293. राज्यों द्वारा उधार लेना

अध्याय 3-संपत्ति, संविदाएं, अधिकार, दायित्व, बाध्यताएं और वाद

294. कुछ दशाओं में संपत्ति, आस्तियों, अधिकारों, दायित्वों और बाध्यताओं का उत्तराधिकार..

295. अन्य दशाओं में संपत्ति, आस्तियों, अधिकारों, दायित्वों और बाध्यताओं का उत्तराधिकार....

296. राजगामी या व्यपगत या स्वामीविहीन होने से प्रोद्भूत संपत्ति...

297 राज्यक्षेत्रीय सागर-खंड या महाद्वीपीय मग्नतट भूमि में स्थित मूल्यवान चीजों और अनन्य आर्थिक क्षेत्र के संपत्ति स्रोतों का संघ में निहित होना.

298. व्यापार करने आदि की शक्ति...

299. संविदाएं

300. बाद और कार्यवाहियां

अध्याय 4-संपत्ति का अधिकार

300 . विधि के प्राधिकार के बिना व्यक्तियों को संपत्ति से वंचित किया जाना।

भाग 13

भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर व्यापार, वाणिज्य और समागम

301 व्यापार, वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता.

302. व्यापार, वाणिज्य और समागम पर निबंधन अधिरोपित करने की संसद् की शक्ति.

303.व्यापार और वाणिज्य के संबंध में संघ और राज्यों की विधायी शक्तियों पर निबंधन....

304. राज्यों के बीच व्यापार, वाणिज्य और समागम पर निबंधन......

305. विद्यमान विधियों और राज्य के एकाधिकार का उपबंध करने वाली विधियों की व्यावृत्ति.

306. (निरसित)

307 अनुच्छेद 301 से अनुच्छेद 304 के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए प्राधिकारी की नियुक्ति..

भाग 14

संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं

अध्याय 1-सेवाएं

308. निर्वचन.

309. संघ या राज्य की सेवा करने वाले व्यक्तियों की भर्ती और सेवा की शर्तें.

310.  संघ या राज्य की सेवा करने वाले व्यक्तियों की पदावधि......

311 संघ या राज्य के अधीन सिविल हैसियत में नियोजित व्यक्तियों का पदच्युत किया जाना, पद से हटाया जाना या पक्ति में अवनत किया जाना

312 अखित भारतीय सेवाएं.......

312. कुछ सेवाओं के अधिकारियों की सेवा की शर्तों में परिवर्तन करने या उन्हें प्रतिसंडत करने की संसद् की शक्ति..

313. संक्रमणकालीन उपबंध

314 (निरसित )..

अध्याय 2-लोक सेवा आयोग

315. संघ और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोग.

316. सदस्यों की नियुक्ति और पदावधि...

317 लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य का हटाया जाना और निलंबित किया जाना

318 आयोग के सदस्यों और कर्मचारिवृंद की सेवा की शर्तों के बारे में विनियम बनाने की शक्ति.

319. आयोग के सदस्यों द्वारा ऐसे सदस्य रहने पर पद धारण करने के संबंध में प्रतिषेध..

320. लोक सेवा आयोगों के कृत्य...

321 लोक सेवा आयोगों के कृत्यों का विस्तार करने की शक्ति

322. लोक सेवा आयोगों के व्यय.....

323 लोक सेवा आयोगों के प्रतिवेदन 

भाग 14

323  -  प्रशासनिक अधिकरण

323 . अन्य विषयों के लिए अधिकरण....

भाग 15

निर्वाचन

324 निर्वाचनों के अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण का निर्वाचन आयोग में निहित होना

325.धर्म, मूलवंश, जाति या लिंग के आधार पर किसी व्यक्ति का निर्वाचक नामावली में सम्मिलित किए जाने के लिएअपात्र होना और उसके द्वारा किसी विशेष निर्वाचक नामावली में सम्मिलित किए जाने का दावा किया जाना

326. लोक सभा और राज्यों की विधान सभाओं के लिए निर्वाचनों का वयस्क मताधिकार के आधार पर होना

327 विधान मंडलों के निर्वाचनों के संबंध में उपबंध करने की संसद् की शक्ति...

328. किसी राज्य के विधान मंडल के लिए निर्वाचनों के संबंध में उपबंध करने की उस विधान मंडल की शक्ति

329.निर्वाचन संबंधी मामतों में न्यायालयों के हस्तक्षेप का वर्जन....... 

भाग 16

कुछ वर्गों के संबंध में विशेष उपबंध

330. लोक सभा में अनुसूचितज जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए स्थानों का आरक्षण..

331 लोक सभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व.....

332. राज्यों की विधान सभाओं में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए स्थानों का आरक्षण

333 राज्यों की विधान सभाओं में आंग्ल-भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व..

334      स्थानों के आरक्षण और विशेष प्रतिनिधित्व का सत्तर वर्ष के पश्चात् रहना. ....

335. सेवाओं और पदों के लिए अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के दावे.....

336. कुछ सेवाओं में आंग्ल-भारतीय समुदाय के लिए विशेष उपबंध.

337 आंग्ल-भारतीय समुदाय के फायदे के लिए शैक्षिक अनुदान के लिए विशेष उपबंध...

338. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग

338 . राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग..

339 अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण के बारे में संघ का नियंत्रण..

340. पिछड़े वर्गों की दशाओं के अन्वेषण के लिए आयोग की नियुक्ति.

341 अनुसूचित जातियां.

342. अनुसूचित जनजातियां.. .....

भाग 17

राजभाषा

अध्याय 1- संघ की भाषा

343. संघ की राजभाषा

344.राजभाषा के संबंध में आयोग और संसद् की समिति...

अध्याय 2-प्रादेशिक भाषाएं

545. राज्य की राजभाषा या राजभाषाएं,

346. एक राज्य और दूसरे राज्य के बीच या किसी राज्य और संघ के बीच पत्रादि की राजभाषा..

347 किसी राज्य की जनसंख्या के किसी अनुभाग द्वारा बोली जाने वाली भाषा के संबंध में विशेष उपबंध. 

अध्याय 3-उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालयों आदि की भाषा

348. उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों में और अधिनियमों, विधेयकों आदि के लिए प्रयोग की जाने वाली भाषा..... .....

349. भाषा से संबंधित कुछ विधियां अधिनियमित करने के लिए विशेष प्रक्रिया.. ..

अध्याय 4-विशेष निर्देश

350. व्यथा के निवारण के लिए अभ्यावेदन में प्रयोग की जाने वाली भाषा........

350 . प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा की सुविधाएं, ....

350 . भाषायी अल्पसंख्यक वर्गों के लिए विशेष अधिकार..

351 हिन्दी भाषा के विकास के लिए निर्देश

भाग 18

आपात उपबंध

352 आपात की उद्घोषणा..........

353 आपात की द्घोषणा का प्रभाव...

354 जब आपात की उद्घोषणा प्रवर्तन में है तब राजस्वों के वितरण संबंधी उपबंधों का लागू होना...

355 बाह्य आक्रमण और आंतरिक अशांति से राज्य की संरक्षा करने का संघ का कर्तव्य

356. राज्यों में सांविधानिक तंत्र के विफल हो जाने की दशा में उपबंध   

357 अनुच्छेद 356 के अधीन की गई द्घोषणा के अधीन विधायी शक्तियों का प्रयोग

358. आपात के दौरान अनुच्छेद 19 के उपबंधों का निलंबन...

359 आपात के दौरान भाग 3 द्वारा प्रदत्त अधिकारों के प्रवर्तन का निलंबन

359 . (निरसित).....

360 वित्तीय आपात के बारे में उपबंध.

भाग 19

प्रकीर्ण

361 राष्ट्रपति और राज्यपालों और राजप्रमुखों का संरक्षण

361.संसद् और राज्यों के विधान मंडलों की कार्यवाहियों के प्रकाशन का संरक्षण

361. लाभप्रद राजनीतिक पद पर नियुक्ति के लिए निरर्हता

562. (निरसित )

363 कुछ संधियों, करारों आदि से उत्पत्र विवादों में न्यायालयों के हस्तक्षेप का वर्जन

363. देशी राज्यों के शासकों को दी गई मान्यता की समाप्ति और निजी थैलियों का अंत

364. महापत्तनों और विमानक्षेत्रों के बारे में विशेष उपबंध

365.संघ द्वारा दिए गए निदेशों का अनुपालन करने में या उनको प्रभावी करने में असफलता का प्रभाव.

366.परिभाषाएं......

367 निर्वचन

भाग 20

संविधान का संशोधन

368. संविधान का संशोधन करने की संसद् की शक्ति और उसके लिए प्रक्रिया.

भाग 21

अस्थायी, संक्रमणकालीन और विशेष उपबंध

369. राज्य सूची के कुछ विषयों के संबंध में विधि बनाने की संसद् की इस प्रकार अस्थायी शक्ति मानो वे समवर्ती सूची के विषय हों

370. जम्मू-कश्मीर राज्य के संबंध में अस्थायी उपबंध

371 महाराष्ट्र और गुजरात राज्यों के संबंध में विशेष उपबंध.......

371 . नागालैंड राज्य के संबंध में विशेष उपबंध,

371. असम राज्य के संबंध में विशेष उपबंध.

371 . मणिपुर राज्य के संबंध में विशेष उपबंध...

371 . आंध्र प्रदेश राज्य के संबंध में विशेष उपबंध...

371. आंध्र प्रदेश में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना

371 . सिक्किम राज्य के संबंध में विशेष उपबंध.

371. मिजोरम राज्य के संबंध में विशेष उपबंध...

371 . अरुणाचल प्रदेश राज्य के संबंध में विशेष उपबंध.

371. गोवा राज्य के संबंध में विशेष उपबंध.

372 विद्यमान विधियों का प्रवृत्त बने रहना और उनका अनुकूलन   झ

372. विधियों का अनुकूलन करने की राष्ट्रपति की शक्ति..

373. निवारक निरोध में रखे गए व्यक्तियों के संबंध में कुछ दशाओं में आदेश करने की राष्ट्रपति की शक्ति...

374 फेडरल न्यायालय के न्यायाधीशों और फेडरल न्यायालय में या सपरिषद् हिज मजेस्टी के समक्ष लंबित कार्यवाहियों के बारे में उपबंध

375. संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए न्यायालयों, प्राधिकारियों और अधिकारियों का कृत्य करते रहना....

376. उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के बारे में उपबंध.

377 भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक के बारे में उपबंध..

378. लोक सेवा आयोगों के बारे में उपबंध..

378. आंध्र प्रदेश विधान सभा की अवधि के बारे में विशेष उपबंध.....

379-391 (निरसित)

392 कठिनाइयों को दूर करने की राष्ट्रपति की शक्ति

भाग 22

संक्षिप्त नाम, प्रारंभ, हिंदी में प्राधिकृत पाठ और निरसन

393. संक्षिप्त नाम..

394  प्रारंभ..

394. हिंदी भाषा में प्राधिकृत पाठ

395. निरसन 

अनुसूचियां

पहली  अनुसूची     

1 राज्य..

2.संघ राज्यक्षेत्र 

दूसरी अनुसूची

भाग राष्ट्रपति और राज्यों के राज्यपालों के बारे में उपबंध.

भाग (निरसित)

भाग ग.  .लोक सभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के तथा राज्य सभा के सभापति और उपसभापति के तया राज्य की विधान सभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के तथा विधान परिषद् के सभापति और उपसभापति के बारे में उपबंध..

भाग घ उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के बारे में उपबंध. 

तीसरी अनुसूची

भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक के बारे में उपबंध. 

चौची अनुसूची

शपथ या प्रतिज्ञान के प्ररूप 

पांचवीं अनुसूची .राज्य सभा में स्थानों का आवंटन. 

भाग अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण के बारे में उपबंध

भाग साधारण......

भाग ग अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों का प्रशासन और नियंत्रण

भाग अनुसूचित क्षेत्र.

भाग अनुसूची का संशोधन 

छठी अनुसूची-असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों के जनजाति क्षेत्रों के प्रशासन के बारे में उपबंध..... 

सातवीं अनुसूची

सूची 1 संप सूची........

सूची 2 राज्य सूची..

सूची 3 समवर्ती सूची 

आठवीं अनुसूची

भापाएं..

 नौवीं अनुसूची

कुछ अधिनियमों और विनियमों का विधिमान्यकरण. 

दसवीं अनुसूची

दल परिवर्तन के आधार पर निरर्हता के बारे में उपबंध..... 

ग्यारहवीं अनुसूची

पंचायतों की शक्तियां, प्राधिकार और उत्तरदायित्व... 

बारहवीं अनुसूची

नगरपालिकाओं, आदि की शक्तियां प्राधिकार और उत्तरदायित्व.......