To keep the blessings and inspirations from the benign nature, on should keep the window of mind ever open.
Thursday, July 24, 2025
तुम बेवजह खुश होने की आदत डालो!
तुम बेवजह खुश होने की आदत डालो!
स्वस्थ हो, सुन्दर हो, सर्वश्रेष्ठ हो,
संपूर्ण बिश्वास और गर्व से,
तुम ग़लतफ़हमी ही पालो !
तुम बेवजह खुश होने की आदत डालो
दुनिया में सब झाम झमेला है,
मन मस्तिष्क का पूरा खेला है;
दो पल दुनिया साथ दिखी,
अगले पल आदमी अकेला है;
अनावश्यक उलझन, मत आफत पालो!
तुम बेवजह खुश होने की आदत डालो!
जश्न मनाओ, नाचो गाओ ऐसे,
जैसे कि तुम शहजादा हो;
जियो शान से, स्वाभिमान से ऐसे,
जैसे कि तुम महाराजा हो;
अंतर्मन में शहंशाही बादशाहत डालो!
तुम बेवजह खुश होने की आदत डालो!
दीन हीन बन रोना नही,
जीवन अमूल्य है, इसे खोना नही;
पल छिन जी भरकर जियो,
जीवन में जहर बोना नही;
कमजोरियों में ताकत डालो!
तुम बेवजह खुश होने की आदत डालो!
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